धर्म के नाम पर बंटवारा=सनातनियों से विश्वासघात

पचास बार तो लिख ही चुका हूं, फिर लिख रहा हूं। देश की ९९ प्रतिशत समस्याओं की जड़, दो ठरकी बुढ्ढों द्वारा, सनातनियों के साथ:

झूठ
छल
कपट
धूर्तता
मक्कारी
विश्वासघात से किया गया:

बेमेल
बेमानी 
असन्तुलित बंटवारा है।

उन ठरकी बुढ्ढों ने, देश को नर्क की ओर धकेल दिया है।

अभी तो सनातनी उत्सव-महोत्सवों, पर्वों-महापर्वों, यात्राओं-जुलूसों पर हमले हो रहे हैं, तरुण खटीक जैसे निर्दोषों की निर्मम नृशंस हत्याएं हो रही हैं, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में सनातनी पर्व-उत्सव मनाने पर आपत्ति की जा रही है और कहीं कहीं तो रोका भी जा रहा है, आने वाले १० सालों में परिस्थितियां क्या होंगीं, कल्पना से भी परे है।

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