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धर्म के नाम पर बंटवारा=सनातनियों से विश्वासघात

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पचास बार तो लिख ही चुका हूं, फिर लिख रहा हूं। देश की ९९ प्रतिशत समस्याओं की जड़, दो ठरकी बुढ्ढों द्वारा, सनातनियों के साथ: झूठ छल कपट धूर्तता मक्कारी विश्वासघात से किया गया: बेमेल बेमानी  असन्तुलित बंटवारा है। उन ठरकी बुढ्ढों ने, देश को नर्क की ओर धकेल दिया है। अभी तो सनातनी उत्सव-महोत्सवों, पर्वों-महापर्वों, यात्राओं-जुलूसों पर हमले हो रहे हैं, तरुण खटीक जैसे निर्दोषों की निर्मम नृशंस हत्याएं हो रही हैं, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में सनातनी पर्व-उत्सव मनाने पर आपत्ति की जा रही है और कहीं कहीं तो रोका भी जा रहा है, आने वाले १० सालों में परिस्थितियां क्या होंगीं, कल्पना से भी परे है।

Film, TV, OTT, Webseries की Gen-Z और Internet, Laptop, Mobile, Palmtop और Technology की Gen-Z में ज़मीन आसमान का अन्तर।

कुछ ही दिनों पहले Film दे दे प्यार दे-२ देखी । बाप की उम्र के विवाह विच्छेदी और बेटी की उम्र की लड़की से प्यार और उसको Justify साबित करने की कोशिश करती इस वाहियात Film के एक दृश्य में, बाप से नाराज़ होकर लड़की उसे कहती है, "Fuck You" (हो सकता है, निर्देशक अंशुल शर्मा की बहन या औलाद ने उससे ये कहा हो)। बस, यही असल वजह है: अश्लील, बेशर्म, बेहूदा, वाहियात, सडी़ हुई, गालीबाज़ उपज की।  आधुनिकता, बेबाकी, बिन्दासिता और तथाकथित Boldness को प्रदर्शित करने की आड़ में, पाश्चात्य संस्कृति को अंगीकार करने की होड़ में: Film, TV, OTT/Webseries ने गिरने की कोई सीमा नहीं छोड़ी है। गालियों की बौछार और अश्लील दृश्यों की भरमार को ये सफलता का हथियार मान चुके हैं। इसी का भरपूर अनुसरण और प्रदर्शन किया है, तथाकथित छात्र आन्दोलन में स्वयं को Gen-Z का हिस्सा बताने वाले चन्द मुठ्ठी भर बेहूदाओं ने, जो भारत में विश्व के सबसे बड़े Gen-Z वर्ग की आड़ लेकर, देश की संस्कृति सभ्यता को ध्वस्त करने पर आमादा हैं। स्पष्ट कर दूं, ये चन्द मुठ्ठी भर लोग, २७ करोड़ Gen-Z वर्ग का हिस्सा कदापि नहीं हो सकते जो बेहद बुद्धि...

*कौन हैं Gen-Z*

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  *कौन हैं Gen-Z* जन्तर मन्तर पर Gen-Z की आड़ में चन्द लोगों द्वारा की गई बेहूदगी ने १४ से २९ वर्ष की आयु के किशोर एवम् युवा वर्ग को केवल और केवल अपमानित और बदनाम करने का घृणित कार्य किया है। जो मूर्ख, Gen-Z के नाम पर मात्र चन्द मुठ्ठी भर लोगों द्वारा की गई: बेहूदगी बेहयाई अश्लीलता गाली-गलौज अभद्र-अमर्यादित भाषा-शब्दावली को सही ठहराते हुए, उनके समर्थन में बकलोली कर रहे हैं: हमें इन पर गर्व है इन्होंने हिम्मत दिखाई इससे इनका आत्मविश्वास झलकता है वग़ैरह वग़ैरह। तो सुन लो मूर्खों, ये चन्द मुठ्ठी भर लोग विश्व के सबसे बड़े समूचे २७ करोड़ भारतीय Gen-Z वर्ग: के ठेकेदार नहीं का प्रतिनिधित्व नहीं करते। ऐसे कुसंस्कारी: तुम्हारा प्रतिनिधित्व करते होंगे, तुम्हारे 'ख़ान'दानों के ठेकेदार होंगे, तुम्हारे घरों की बिगड़ैल-बददिमाग़ औलादें होंगीं। वास्तविकता ये है कि, भारत का Gen-Z एक बेहद: कर्मठ, विनम्र, सुशील, परिश्रमी, सहृदयी, संस्कारी, मृदुभाषी, सुशिक्षित, बुद्धिमान, होशियार, अनुशासित, समझदार, परोपकारी, सुलझा हुआ, और समय के साथ आधुनिकता और तकनीक को समन्वयित, समायोजित, समावेशित करने वाला, ऊर्ज...