क्या वाकई सनातनी, मोदी-शाह-भाजपा को अपना और सनातन धर्म का संरक्षक मानते हैं🤔
क्या वाकई सनातनी, मोदी-शाह-भाजपा को अपना और सनातन धर्म का संरक्षक मानते हैं🤔
यदि १९४७ से आज तक का इतिहास उठाकर देख लें तो:
सनातनी यात्राओं-जुलूसों पर हमले,
सनातनी पर्वों-महापर्वों-उत्सवों-महोत्सवों पर हमले,
सनातनी,
मन्दिरों-पुजारियों-साधुओं-सन्तों-धर्मगुरुओं-गौरक्षकों पर हमले,
रीति-रिवाजों-मान्यता-परम्पराओं-आस्थाओं पर अभद्र-अमर्यादित टीका-टिप्पणियां,
सनातन धर्म और सनातनियों के आराध्यों, देवी-देवताओं पर अभद्र-अमर्यादित टीका-टिप्पणियां,
इत्यादि जितने विगत साढ़े १२ वर्षों में हुए हैं, उतने तो कांग्रेस के ५५ वर्षों के कार्यकाल में भी नहीं हुए थे।
इतना ही नहीं, सनातन धर्म और आराध्यों के प्रति आए दिन अभद्र भाषा-शब्दावली-टिप्पणियां की जा रही हैं और इसका विरोध करने वालों पर ही प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार किया जा रहा है।
ताज़ा उदाहरण ही देख लें, दो बेहयाओं-बेहूदाओं ने यही किया लेकिन गिरफ़्तार उनका विरोध करने वालों को किया गया, ये कहकर कि वो "बच्चियां" हैं।
ये नहीं चलेगा मोदी-शाह जी। आपको धर्म और आराध्यों के प्रति अभद्रता-अमर्यादितता करने वालों के ख़िलाफ़ कठोर से कठोर क़ानून बनाना होगा। ऐसा करने वालों के प्रति, किसी भी प्रकार की नरमाई-सहानुभूति को परे रखकर, सख़्त से सख़्त कार्यवाही करनी होगी।
एक बात और, संविधान और क़ानून ने १८ वर्ष की आयु पूर्ण करने वालों को वयस्क घोषित किया है। उन्हें मतदान का अधिकार दिया है। उन्हें License प्राप्ति का अधिकार दिया है। तो उसी संविधान और क़ानून का उल्लघंन करने पर, उन्हें "बच्चे" बताकर, क़ानूनी कार्यवाही से छूट क्यों🤔
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